राजपूत शब्द संस्कृत के " राजपुत्र " शब्द का बिगड़ा हुआ स्वरूप है । प्राचीन काल में "राजपुत्र" शब्द का प्रयोग राजकुमारों और राजवंश के लोगो के लिए प्रयुक्त होता था । प्रायः क्षत्रिय ही राजवंश के होते थे , इसलिए 'राजपूत' शब्द सामान्यतः क्षत्रियों के लिए प्रयुक्त होने लगा । कहा जाता है कि जब मुसलमानों ने भारत में प्रवेश किया तब उन्हें राजपुत्र शब्द का उच्चारण करने में कठिनाई हुई , इसलिए वे राजपुत्र के स्थान पर राजपूत शब्द का प्रयोग करने लगे । राजपूत शब्द की व्याख्या करते हुए डॉ.ईश्वरी प्रसाद ने लिखा है कि "राजपुताना के कुछ राज्यों में साधारण बोलचाल में राजपूत शब्द का प्रयोग क्षत्रिय सामन्त या जागीरदार के पुत्रों को सूचित करने के लिए किया जाता है , परन्तु असल में यह शब्द संस्कृत के राजपुत्र शब्द का विकृत स्वरूप है जिसका अर्थ होता है राजवंश का । " राजपूत शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग सातवीं शताब्दी के दूसरे भाग में हुआ। उसके पूर्व कभी इस शब्द का प्रयोग नहीं हुआ इसलिए राजपूतों की उत्पत्ति के संबंध में विद्वानों में बड़ा मतभेद उत्पन्न हो गया। इस सम्बंध...
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